पटना. फर्जी प्रमाणपत्र पर नियुक्त शिक्षकों को नौकरी से हटाने और उनके
खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग ने मुहिम तेज कर दिया है। इसी
क्रम में विभाग ने इस कार्य के लिए हर जिले का नोडल नॉपदाधिकारी नियुक्त
किया है। इन्हें मदद के लिए एक-एक सहायक नोडल पदाधिकारी भी नामित किए गए
हैं।
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नियोेजित शिक्षक कल और आज : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
बिहार मे सहायक शिक्षक के पद rte कानून
२०१० के पूर्व ही समाप्त किया जा चूका है
तथा उसके जगह पंचायत निकाय शिक्षक को
नियमावली के अंतर्गत ६० साल तक की सेवा
को स्थायी बनाकर पद सृजन किया गया है |
२०१० के पूर्व ही समाप्त किया जा चूका है
तथा उसके जगह पंचायत निकाय शिक्षक को
नियमावली के अंतर्गत ६० साल तक की सेवा
को स्थायी बनाकर पद सृजन किया गया है |
शिक्षा मित्र धांधली की जांच के लिए आमरण अनशन : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
आरा : शाहपुर
प्रखंड के दामोदरपुर पंचायत में वर्ष 2005 में हुई शिक्षा मित्र की बहाली
में धांधली की जांच के लिए आमरण अनशन पर बैठे युवा राजद नेता राजीव रंजन
उर्फ सत्येंद्र यादव का अनशन दूसरे दिन भी समाहरणालय के समक्ष जारी रहा.
अनशन स्थल पर पहुंचे राजद के पूर्व विधायक विजेंद्र कुमार यादव ने कहा
कि अनशनकारी युवा राजद नेता की मांग बिल्कुल जायज है. शिक्षक नियोजन में
हुई धांधली की जांच होनी चाहिए. राजद जिलाध्यक्ष लेताफत हुसैन ने कहा कि
पूरे मामले की जांच कर नियोजन इकाई पर कार्रवाई हो.
मुख्य सचिव ने कहा मिलेगा वेतनमान, सेवा शर्तो में होगा सुधार : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
शिक्षक संघों ने कमेटी के सामने रखा अपना पक्ष, मांगा पूर्ण वेतनमान, मुख्य सचिव ने कहा मिलेगा वेतनमान, सेवा शर्तो में होगा सुधार
पटना: नियोजित
शिक्षकों के वेतनमान और सेवा शर्तो के सुधार के लिए मुख्य सचिव की
अध्यक्षता में बनी कमेटी के सामने आठ शिक्षक संघों ने अपनी-अपनी मांगें व
सुझाव रखे. मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, कमेटी के सदस्य सचिव शिक्षा विभाग
के प्रधान सचिव आरके महाजन व प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्रीधर सी ने शाम
पांच बजे से करीब सात बजे तक शिक्षक संगठनों से बातचीत की.
साली-साला तक को बना दिया मास्टर : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
जागरण
संवाददाता, बांका: शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़ा का बांका से गहरा रिश्ता
रहा है। खास कर 2006 और 2008 में हुई प्रथम और द्वितीय चरण की शिक्षक
बहाली में फर्जीवाड़ा का खूब खेल हुआ। नियोजन समिति के मुखिया और प्रमुख ने
रेबड़ी की तरह शिक्षक की नौकरी बांटी। इसमें उन्होंने अपने परिवार के लोगों
का खूब एडजस्ट किया। हद कि एक-एक मुखिया और प्रमुख ने इस गोल्डन चांस को
खूब भुनाया और परिवार के दर्जन भर तक लोगों को शिक्षक की नौकरी में शिफ्ट
कर दिया। एक-एक पंचायत में मुखिया जी ने भाई से लेकर साला-साली और ससूर तक
को मास्टर बना कर अपनी सात पीढ़ी तार ली। ऐसा जिला के एक-दो पंचायतों में
नहीं, बल्कि पांच दर्जन से अधिक पंचायतों में हुआ। अलबत्ता, इसके लिए
मुखिया और प्रमुख जी ने फर्जी प्रमाण पत्र का खूब सहारा लिया। कई अमान्य
डिग्री पर अपने रिश्तेदारों को शिक्षक बना दिया। वहीं कुछ ने तो बिहार
बोर्ड की इंटर और मैट्रिक डिग्री में ही अंक अधिक बढ़ा कर नौकरी करा ली।
ऐसा कैसे हुआ संभव
प्रथम और द्वितीय चरण की शिक्षक बहाली में नियोजन की सारी ताकत नियोजन समिति के पास थी। जिला का इस पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया था। ऐसे में अपनों की बहाली के लिए अधिकांश नियोजन समिति ने सामान्य आवेदकों का आवेदन ही जमा नहीं लिया। अधिकांश नियोजन समिति में बंद दरवाजे ही आवेदन हुआ। इस पर जब हो हंगामा और धरना-अनशन शुरू हुआ तो नियोजन समिति ने शिक्षा अधिकारी तक को माइनेज कर लिया। हाल यह कि तब सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच का सरकारी आदेश भी हवा हवाई रह गया। नतीजा, आठ साल बाद भी ये शिक्षक नौकरी कर रहे हैं।
अब जांच शुरू होने पर खुलेगा राज
वेतनमान की लड़ाई में जब सरकार ने सभी नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्र सत्यापन का आदेश दिया है तो ऐसे फर्जी शिक्षकों का होश उड़ा हुआ है। ऐसे लोगों को बचाने के लिए शिक्षा माफिया का बड़ा गिरोह सक्रिय हो गया है। सरकारी आदेश पर दी सेंट्रल बोर्ड ऑफ हाइयर एजुकेशन नई दिल्ली की डिग्री को अमान्य करार दिया गया है। बांका में ही इस डिग्री पर अमरपुर व बांका के आधा दर्जन शिक्षक हटाये गये। जानकारी के अनुसार बांका में अब भी पांच दर्जन से अधिक इस डिग्री वाले लोग नौकरी कर रहे हैं। इसी तरह टीटीसी चितरंजन की अमान्य डिग्री पर धोरैया में एक दर्जन से अधिक शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। बांका के लोधम, छत्रपाल, कझिया, लखनौड़ी, अमरपुर के विशनपुर, भितिया, कटोरिया के बसमत्ता, मोथाबाड़ी आदि पंचायत के नियोजन पर तब काफी बवाल हुआ था। लेकिन, जांच ठंडा रहने के कारण सभी फर्जी बचते रह गये।
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जागरण संवाददाता, बांका: शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़ा का बांका से गहरा रिश्ता रहा है। खास कर 2006 और 2008 में हुई प्रथम और द्वितीय चरण की शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़ा का खूब खेल हुआ। नियोजन समिति के मुखिया और प्रमुख ने रेबड़ी की तरह शिक्षक की नौकरी बांटी। इसमें उन्होंने अपने परिवार के लोगों का खूब एडजस्ट किया। हद कि एक-एक मुखिया और प्रमुख ने इस गोल्डन चांस को खूब भुनाया और परिवार के दर्जन भर तक लोगों को शिक्षक की नौकरी में शिफ्ट कर दिया। ऐसा कैसे हुआ संभव
प्रथम और द्वितीय चरण की शिक्षक बहाली में नियोजन की सारी ताकत नियोजन समिति के पास थी। जिला का इस पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया था। ऐसे में अपनों की बहाली के लिए अधिकांश नियोजन समिति ने सामान्य आवेदकों का आवेदन ही जमा नहीं लिया। अधिकांश नियोजन समिति में बंद दरवाजे ही आवेदन हुआ। इस पर जब हो हंगामा और धरना-अनशन शुरू हुआ तो नियोजन समिति ने शिक्षा अधिकारी तक को माइनेज कर लिया। हाल यह कि तब सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच का सरकारी आदेश भी हवा हवाई रह गया। नतीजा, आठ साल बाद भी ये शिक्षक नौकरी कर रहे हैं।
अब जांच शुरू होने पर खुलेगा राज
वेतनमान की लड़ाई में जब सरकार ने सभी नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्र सत्यापन का आदेश दिया है तो ऐसे फर्जी शिक्षकों का होश उड़ा हुआ है। ऐसे लोगों को बचाने के लिए शिक्षा माफिया का बड़ा गिरोह सक्रिय हो गया है। सरकारी आदेश पर दी सेंट्रल बोर्ड ऑफ हाइयर एजुकेशन नई दिल्ली की डिग्री को अमान्य करार दिया गया है। बांका में ही इस डिग्री पर अमरपुर व बांका के आधा दर्जन शिक्षक हटाये गये। जानकारी के अनुसार बांका में अब भी पांच दर्जन से अधिक इस डिग्री वाले लोग नौकरी कर रहे हैं। इसी तरह टीटीसी चितरंजन की अमान्य डिग्री पर धोरैया में एक दर्जन से अधिक शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। बांका के लोधम, छत्रपाल, कझिया, लखनौड़ी, अमरपुर के विशनपुर, भितिया, कटोरिया के बसमत्ता, मोथाबाड़ी आदि पंचायत के नियोजन पर तब काफी बवाल हुआ था। लेकिन, जांच ठंडा रहने के कारण सभी फर्जी बचते रह गये।
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पांच शिक्षकों का नियोजन रद्द : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
अररिया: अंधेर नगरी
चौपट राजा. वाली कहावत अब अररिया जिले में भी शिक्षक नियोजन में चरितार्थ
होती दिख रही है. प्रमाण पत्र एसटीइटी का और नियोजन हुआ प्रखंड शिक्षक के
रूप में. ऐसा मामला अररिया प्रखंड में हुए नियोजन में सामने आया है. यह
खुलासा प्रमाण पत्रों के जांच के दौरान हुआ. जिले के शिक्षक नियोजन
प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है. गड़बड़ी पंचायत
स्तर पर ही नहीं प्रखंड स्तर पर भी हुई है. जानकारी के अनुसार एसटीइटी पास
तीन अभ्यर्थियों का चयन प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई द्वारा शिक्षक नियोजन के
चौथे चरण में किया गया.
Tsunss ने वेतनमान कमेटी को 33 पृष्ठों का मांगपत्र सौंपा : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
Tsunss ने वेतनमान कमेटी को 33 पृष्ठों का मांगपत्र सौंपा
शिक्षा विभाग को नहीं पता, बिहार में कितने हैं फर्जी शिक्षक? : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
पटना बिहार -
बड़े पैमाने बहाल फर्जी नियोजित शिक्षक शिक्षा विभाग के लिए सरदर्द साबित
हो रहा है. मिलीभगत से फर्जी डिग्री के सहारे बहाल शिक्षकों की पहचान
शिक्षा विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है. विभाग के सूत्रों की माने तो हर जिले में करीब 1500 फर्जी
शिक्षक हैं. प्रदेश में 38 जिले हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि
फर्जी शिक्षकों की तादाद कितनी हो सकती है.
शिक्षक को मूल विद्यालय में भेजने की मांग : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
बांका. पंचायत
प्रखंड नगर प्रारंभिक शिक्षक के चांदन प्रखंड इकाई द्वारा गुरुवार को
जिलाधिकारी को एक आवेदन दिया गया. उक्त आवेदन में संघ ने मांग नहीं मानने
पर प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना, आमरण अनशन सहित प्रदर्शन करने की धमकी
दी है. आवेदन में कहा गया है कि प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय के
प्रखंड शिक्षक विनय कुमार पिछले कई माह से इस चांदन प्रखंड कार्यालय में
प्रतिनियुक्त है.
जून से शिक्षकों के वेतन भुगतान पर लगेगी रोक : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
समस्तीपुर :
विभागीय निर्देश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षक नियोजन इकाई व
बीइओ को सभी कोटि के शिक्षकों की शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों की
जांच का आदेश दिया है़
कहा है कि अगर 31 मई तक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं किया जाता है,
तो संबंधित शिक्षकों का जून से प्रमाण पत्रों की जांच संपन्न होने तक वेतन
स्थगित रहेगा़ प्रधान सचिव आरके महाजन ने भी कहा है कि शिक्षक नियोजन इकाई
द्वारा वर्ष 2006 से शिक्षकों के नियोजन की कार्रवाई की जा रही है़
बिहार में शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
लंबे
इंतजार के बाद बिहार में प्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती का रास्ता खुल गया
है। बुधवार को सुप्रीमकोर्ट ने विशेष अधिकारी और बिहार सरकार द्वारा तैयार
आवेदकों की वरीयता सूची को मंजूरी दे दी। अदालत ने बिहार सरकार को तीन
महीने में रोस्टर तैयार कर सूची कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीमकोर्ट बिहार में 34,540 प्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती मामले में
सुनवाई कर रहा है। न्यायमूर्ति अल्तमश कबीर व न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की
पीठ ने नियुक्ति की मांग कर रहे आवेदकों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ये
निर्देश जारी किये। बिहार सरकार ने आज 1,33,140 आवेदकों की वरीयता सूची
कोर्ट में पेश की।
नियोजित शिक्षकों के वेतन के संबंध में विचार के लिए समिति का गठन : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
पटना - बिहार में नियोजित शिक्षकों के वेतन के संबंध में विचार के लिए राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में उनके आवास पर आज शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों पर आहुत बैठक में नियोजित शिक्षकों के वेतन के संबंध में विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
वेतनमान माँग - मुख्य सचिव वार्ता मे हुई चर्चा : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates
मुख्य सचिव - क्या चाहते हैं?
उतर - 9300 वेतनमान और मुल शिक्षक का दर्जा ।
मु सचिव - पैसा नही है और कोई विकल्प ?
उतर- पैसा का वहाना वनाया जा रहा है पैसे उपलब्ध है।
मु सचिव - उडिसा के तर्ज पर दिया जाय तो?
उतर - 9300 वेतनमान और मुल शिक्षक का दर्जा ।
मु सचिव - पैसा नही है और कोई विकल्प ?
उतर- पैसा का वहाना वनाया जा रहा है पैसे उपलब्ध है।
मु सचिव - उडिसा के तर्ज पर दिया जाय तो?