; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

बिहार में ई‑शिक्षा कोष में पुरानी तस्वीर से हाजिरी लगाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई

 पटना। बिहार शिक्षा विभाग ने ई‑शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी तरीके से पुरानी तस्वीरें अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। विभाग ने पाया कि कुछ शिक्षक विद्यालय में उपस्थित न रहते हुए भी डिजिटल उपस्थिति प्रणाली का दुरुपयोग कर रहे थे।

क्या है मामला?

ई‑शिक्षा कोष पोर्टल का उद्देश्य शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना है। हाल ही में विभाग ने यह देखा कि कई शिक्षक तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर पुरानी फोटो अपलोड कर रहे हैं। इससे न केवल उपस्थिति रिकॉर्ड गलत हो रहा है, बल्कि विद्यालय संचालन और शैक्षिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।

विभाग की सख्त चेतावनी

  • सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को संभव फर्जी हाजिरी वाले मामलों की पहचान करने का निर्देश

  • प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश

  • फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों के खिलाफ वेतन रोकने, सस्पेंड करने और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना

डिजिटल उपस्थिति का महत्व

ई‑शिक्षा कोष में शिक्षक की उपस्थिति वास्तविक समय में फोटो और लोकेशन के साथ दर्ज होती है। इसका मकसद है कि कक्षाओं और परीक्षा‑पाठ की गतिविधियाँ सुचारू रूप से चलें और किसी भी शिक्षक की उपस्थिति पर भरोसा किया जा सके।

क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है

यह कदम बिहार के सरकारी स्कूलों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की साख बनाए रखने और शिक्षकों की वास्तविक हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।

UPTET news