पटना। युवा रिपोर्टर राज्य में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में लाखों शिक्षकों के पद
रिक्त हैं, लेकिन इनके हिसाब से रिक्तियां नहीं निकाली जा रही हैं। एक तरफ
सरकार ने खुद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को वर्ष 2013 में
एक प्रस्ताव भेज कर सूचित किया था कि राज्य में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक
में लगभग एक लाख 65 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं।
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फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच , बीस के बाद बीईओ पर एफआईआर
बक्सर । फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच कर रही निगरानी को नियोजन इकाइयों
द्वारा शिक्षकों का फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जबकि, इसके लिए
विभाग ने सभी बीईओ को बीस अक्टूबर तक का समय दिया है। ऐसे में बीस के बाद
उन पर कार्रवाई होना तय है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना विनायक
पांडेय ने बताया कि अभी तक किसी नियोजन इकाई से फोल्डर उपलब्ध नहीं हुआ है।
वर्ष 2006 से अबतक नियोजित हुए 15 हजार 400 शिक्षक
वर्ष 2006 से अबतक नियोजित हुए 15 हजार 400 शिक्षक
जिले में वर्ष 2006 से अबतक प्रारंभिक स्तरीय 15 हजार 400 शिक्षकों का नियोजन हुआ है। इनमें से करीब एक हजार शिक्षकों ने अबतक अपना त्याग पत्र सौंप दिया है। हालांकि विभागीय स्तर पर त्याग पत्र सौंपन वाले प्रारंभिक स्तरीय शिक्षकों की संख्या अलग करने में विभाग जुटा हुआ है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में प्रारंभिक स्तरीय करीब 14 हजार शिक्षक अपनी सेवा दे रहे हैं।
जिले में वर्ष 2006 से अबतक प्रारंभिक स्तरीय 15 हजार 400 शिक्षकों का नियोजन हुआ है। इनमें से करीब एक हजार शिक्षकों ने अबतक अपना त्याग पत्र सौंप दिया है। हालांकि विभागीय स्तर पर त्याग पत्र सौंपन वाले प्रारंभिक स्तरीय शिक्षकों की संख्या अलग करने में विभाग जुटा हुआ है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में प्रारंभिक स्तरीय करीब 14 हजार शिक्षक अपनी सेवा दे रहे हैं।
दस प्रखंडों ने उपलब्ध कराए प्रारंभिक शिक्षकों के प्रमाणपत्र
मोतिहारी । नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को जमा करने की
प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत शनिवार तक जिले के कुल 27 में से दस
प्रखंडों से शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को जिला मुख्यालय में जमा करा दिया
गया है। इन प्रखंडों में मोतिहारी, सुगौली, छौड़ादानों, पहाड़पुर, फेनहारा,
पीपराकोठी, हरसिद्धि, केसरिया, चकिया व रामगढ़वा शामिल है।
विभाग के खजाने में रखा रहा पैसा, शक्षिकों की जेब खाली
मुजफ्फरपुर: बिहार शिक्षा परियोजना राज्य कार्यालय से शिक्षकों के वेतन के लिए जिले को आवंटित 34 करोड़ रुपये शिक्षा विभाग के खजाने की शोभा बढ़ा रहे हैं, दशहरा जैसे प्रमुख पर्व पर भी शिक्षकों की जेब खाली ही है. महीनों से वेतन भुगतान की आस में बैठे शिक्षकों को दुर्गा पूजा में वेतन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन विभागीय पेच में पूरा मामला ही उलझ कर रह गया है.