बिहार की राजनीति और शिक्षा जगत में उस समय हलचल मच गई जब 73,000 संविदा शिक्षकों को सरकारी शिक्षक बनाने की घोषणा की गई। यह फैसला हजारों शिक्षकों के लिए जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है।
सरकारी दर्जा मिलने से शिक्षकों को
✔️ नौकरी की सुरक्षा
✔️ नियमित वेतन
✔️ पेंशन और अन्य लाभ
मिलने की संभावना है। शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।