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CM नीतीश जी! शिक्षक भर्ती के नाम पर बिहार में क्या हो रहा, इस फफकती लड़की के सवालों का जवाब तो दीजिए
दीनबंधु सिंह, सिवान बिहार
में 94 हजार प्राथमिक शिक्षकों के लिए नियोजन चल रहा है। लेकिन इसमें बड़े
पैमाने में धांधली का आरोप लग रहा है। मेधा सूची में अभ्यर्थी चाहे कितना
भी ऊपर हों, लेकिन नियोजन उसी का हुआ जिसे नियोजन इकाई ने चाहा। योग्य
अभ्यर्थियों में कोई न कोई कमी निकाल कर उसे बाहर कर दिया गया। बस इतना समझ
लीजिए कि छठे चरण के इस शिक्षक नियोजन में अभ्यर्थियों की योग्यता पर उनकी
किस्मत और सेटिंग भारी पड़ रही है। नियोजन इकाई के पदाधिकारियों ने शिक्षा
विभाग के नियम में अपने हिसाब से लूज फॉल्ट ढूंढ लिया है। जिसका जमकर इस
बार दुरुपयोग हुआ।
योग्य महिला अभ्यर्थी को हटाकर मनचाहे का नियोजन सिवान
के दरौंदा नियोजन इकाई में एक योग्य महिला अभ्यर्थी को हटा कर मनचाहे का
नियोजन करने का मामला सामने आया है। हिंदी विषय से नियोजन के लिए अभ्यर्थी
प्रतिभा गिरि सुबह से ही नियोजन स्थल जेड इस्लामिया हाईस्कूल में उपस्थित
थीं। अपनी कोटि के मेधासूची में उनका अंक बाकी अभ्यर्थियों से अधिक था।
इसलिए चेहरे पर निश्चिंतता का भाव था। वे अपना नाम अनाउंसमेंटका इंतजार कर
रही थीं। इस दौरान वह कैम्पस में ही वॉशरूम चली गईं। तभी उनका नाम अनाउंस
हुआ। अपना नाम सुन प्रतिभा वॉशरूम के रास्ते से ही लौट कर नियोजन इकाई में
काउंसलिंग के लिए दाखिल हुईं। लेकिन वहां के पदाधिकारियों ने उनको नियम का
हवाला देकर बाहर कर दिया। इसके बाद प्रतिभा फूटफूट कर रोने लगीं। लेकिन
इसका कोई लाभ नहीं हुआ। नियोजन इकाई ने हिंदी विषय में उनकी कोटि के एक
मात्र सीट पर किसी और अभ्यर्थी का काउंसलिंग कर लिया। यह सब कुछ वहां
सैकड़ों लोगों के सामने हो रहा था। लेकिन किसी ने उस बेबस महिला के लिए आवाज
नहीं उठाई।
किस नियम को अधिकरियों ने बनाया ढाल? छठे चरण
के नियोजन के लिए शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया गया है। उसमें
मेधासूची के अनुसार एक अभ्यर्थी का तीन बार नाम पुकारना है। उसके नहीं आने
पर अगला नाम पुकारना है। लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया है कि कितने अंतराल
पर तीन बार नाम और पिता का नाम पुकारना है। इस बार असल खेल यहीं हुआ।
प्रतिभा का भी लगातार तीन बार नाम लिया गया। लेकिन उनके पहुंचने तक बकौल
अधिकारी चार लोगों का नाम तीन-तीन बार लिया जा चुका था। ऐसे में सवाल उठता
है कि नियमों का दुरूपयोग क्यों? योग्य अभ्यर्थी के सामने किसी और का
नियोजन कितना जायज है? इस मामले में प्रतिभा ने शिक्षा विभाग और जिला
प्रशासन में लिखित शिकायत दर्ज कराया है।