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बिहार कैबिनेट की बैठक में चार एजेंडे स्वीकृत: माननीयों के वेतन भत्ते में हुई वृद्धि
पटना [राज्य ब्यूरो]। विधायकों और पूर्व विधायकों को
सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने विधायकों और पूर्व विधायकों के मूल
वेतन से लेकर रेल किराया तक के लिए दिए जाने वाले भत्ते में वृद्धि करने का
फैसला किया है।
मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने संसदीय कार्य विभाग के इस प्रस्ताव को
मंजूरी दे दी। प्रारूप को अब विधान मंडल में पेश किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने
द्वितीय अनुपूरक बजट प्रारूप को भी मंजूरी दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल चार
प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। 40 हजार हुआ वेतन
कैबिनेट सूत्रों ने बताया कि विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन भत्ते
में वृद्धि का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित था। अब इस प्रस्ताव के प्रारूप
को मंजूरी मिल गई है। सूत्रों की माने तो विधायकों के मूल वेतन में 30 फीसद
की वृद्धि की गई है। अब विधायकों को 30 हजार के स्थान पर 40 हजार रुपये
वेतन मिल सकेगा। क्षेत्रीय भत्ता के रूप में 50 हजार रुपये प्राप्त होंगे।
पूर्व में इस मद में 45 हजार मिलते थे। लग्जरी वाहन खरीदने के लिए
विधायकों को 10 के स्थान पर 15 लाख रुपये अग्रिम के तौर पर मिल सकेंगे। इस
सुविधा के अलावा स्टेशनरी खरीदने के लिए दस हजार, निजी सहायक रखने के लिए
बीस के स्थान पर 30 हजार मिलेंगे। प्रारूप में स्पष्ट किया गया है कि रेल
और प्लेन किराया मद में विधायकों को अब प्रति वर्ष दो लाख के स्थान पर तीन
लाख मिल सकेंगे।
आवास भत्ता को 28 हजार प्रतिमाह मिलेगा। विधायकों को पेंशन मद में
भविष्य में 35 हजार रुपये प्रति माह प्राप्त होंगे। पूर्व में इस मद में 25
हजार रुपये मिल रहे थे।
द्वितीय अनुपूरक बजट प्रारूप स्वीकृत
कैबिनेट सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने द्वितीय अनुपूरक बजट प्रारूप
को मंजूरी दे दी है। इसे अब विधान मंडल से पारित कराया जाएगा। द्वितीय
अनुपूरक बजट 10463 करोड़ रुपये का है। इसमें स्थापना मद में 2744 करोड़,
वार्षिक स्कीम मद में 7601 करोड़, केंद्रीय-क्षेत्रीय स्कीम मद में 94.12
करोड़ और प्रवृत मद में 22.96 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बता दें कि प्रदेश
का प्रथम अनुपूरक बजट 19721करोड़ रुपये का था।
विवि-कॉलेज से सेवानिवृत पेंशनरों को मिलेगा चिकित्सा भत्ता
राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालय और अंगीभूत कॉलेज से
सेवानिवृत्त शिक्षकों-शिक्षकेत्तर कर्मियों को चिकित्सा भत्ता देने का
फैसला किया है। पेंशन और पारिवारिक पेंशन का लाभ ले रहे शिक्षक-शिक्षकेत्तर
कर्मियों को एक अगस्त 2014 के प्रभाव से दो सौ रुपये प्रतिमाह की दर से
चिकित्सा भत्ता दिया जाएगा।प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की सहमति प्राप्त है।
मंत्रिमंडल ने जुबेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के प्रावधानों के तहत जुबेनाइल
से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के लिए अपर जिला निबंधक जिला न्यायाधीश कोटि
का एक और रिसर्च ऑफिसर सिविल जज के एक। कुल दो पद सृजन के प्रस्ताव को भी
मंजूरी दी है। इन पदों के गठन से सरकार को प्रति वर्ष 30.22 लाखरुपये का
अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा।